शेयर बाज़ार क्या है? और शेयर कैसे खरीदें?

बचपन में हम Television पर समाचार तो देखे ही होंगे।  सब समाचार ख़तम होने पर आखिर में हमे TV एंकर के द्वारा शेयर मार्किट के सूचकांक पर एक नजर डालकर निकल जाता था पर हमें उस समय ये समझ में नहीं आता था के ये शेयर मार्किट और nifty और sensex क्या होता है।

आज जब हम बड़े हो गए हैं और आज हम बड़े बड़े investores जैसे कि Warren Buffet जो कि एक बहुत बड़े investor हैं उनके बारे में सुनते हैं जो लोग अरबों रूपये इसी से कमाए हैं तो हमें भी जानने की इच्छा होती है कि क्यों न हम भी जानें कि शेयर बाज़ार क्या है? और शेयर कैसे खरीदें?

पैसा कमाना कौन नहीं चाहता हर कोई इसी के लिए दिन रात मेहनत करते हैं पर मेहनत और मजदूरी करके हम इतनी मोटी रकम नहीं कमा सकते हैं।  बहुत सारे लोग जिनके पास इन्वेस्ट करने के लिए पैसे हैं वे इस रास्ते पर आ रहे हैं ताकि वे भी अपनी कमाई के कुछ हिस्से के शेयर खरीदकर लाखों मुनाफा कमा सकें तो चलिए इसके बारे में हम आगे विस्तार से जानते हैं।

शेयर बाज़ार क्या है? और शेयर कैसे खरीदें?

शेयर बाजार क्या है?

भारत में केवल दो ही  शेयर बाजार केंद्र हैं पहला Bombay Stock Exchange(BSE) और दूसरा National Stock Exchange (NSE)  इन दोनों जगहों से ही शेयर बाजार का संचालन होता है। शेयर बाजार में ऑफिशल्स के अलावा ब्रोकर लोग मौजूद होते हैं इन ब्रोकरों को लोग शेयर खरीदने के लिए संपर्क करते हैं।
किसी भी बड़ी कंपनी को चलाने के लिए बहुत सारी पैसों की जरुरत होती है तो ये कंपनियां इसमें public के पैसे को invest करना चाहती हैं। यह कंपनियां इसके लिए अपने को शेयर बाजार में agreement करके अपना listing करती हैं तो कोई भी पब्लिक इसके शेयर को ब्रोकर के जरिये या फिर आजकल तो बहुत सारे app आ गए हैं उसके जरिये खरीद सकती हैं।
जब इन कंपनियों को लाभ होता है तो पब्लिक को भी अच्छा खासा मुनाफा होता है और जब घाटा होता है तो इन्हे भी हानि झेलनी पड़ती है यही शेयर बाजार है।

शेयर बाजार पर शेयर कैसे खरीदें ?

शेयर मार्किट  शेयर  खरीदने के लिए निम्नलिखित चीजों की जरुरत होती है।
1.  पैन कार्ड –  भारत में  यदि आपको शेयर मार्किट पर खरीद – बिक्री करना है तो आपके पास पैन कार्ड होना अनिवार्य है। इसी पैन कार्ड के जरिये आपका करों का आकलन किया जाता है। पैन कार्ड के रहने से आप सरकार को आय व्यय का ब्यौरा दे सकते हैं। जाहिर है कि आप यदि stock Market में Trade करेंगे तो कर की अदायगी करनी पड़ेगी।
2. अपना एजेंट या ब्रोकर रखना – बिना ब्रोकर या एजेंट के आपको कोई भी शेयर का आदान  प्रदान शेयर बाजार में नहीं किया जाता है।  शेयर बाजार जोखिम भरा  है। आप तुरंत कंगाल भी हो सकते हैं  इसलिए Securities and Exchange Board of India (SEBI ) किसी को भी खुद से ट्रेडिंग करने का option नहीं देता है। ये ब्रोकर कोई व्यक्ति होता है या फिर कोई ऑनलाइन एजेंसी होते हैं जो के SEBI के द्वारा लाइसेंस प्रदान किये गए होते हैं।
 
3. Demat account और Trading account– पहले के ज़माने में शेयर दस्तावेजों के रूप में मिलते थे उसमे धोखाधड़ी और खो जाने का भी डर रहता था पर अब के ज़माने में आपके पास एक Demat Account का होना जरुरी है जिसमे आपका शेयर डिजिटल रूप में रहता है।
आपको शेयर्स की खरीद एवं बिक्री करने के लिए भी एक Trading Account का होना जरुरी है।  इस खाते को मुख्य्तः ब्रोकर देखता है जब वह आपके लिए किसी शेयर को खरीदता है या बेचने की प्रक्रिया करता है।
4. Depository Participant -शेयर खरीदने के लिए हमारा अगला कदम है कि आपको depository participant अकाउंट बनाना है।  भारत में दो तरह के डिपाजिटरी होते हैं NSDL (National Securities Depository Limited) और CDSL (Central Depository Services Limited)
इन depositories के पास अपने एजेंट होते हैं जो की आपको आपका आकउंट उपलब्ध कराएँगे। ये अकाउंट Demat अकाउंट से अलग होता है ये आपके ख़रीदे या बेचे हुए  शेयर को release या hold करते हैं।
5. UIN – Number – यदि आप बड़ी रकम इन्वेस्ट करना चाहते हैं तो आपके पास अपना UIN नंबर होना अनिवार्य है खासकर यदि आप एक लाख रूपये से अधिक इन्वेस्ट करना चाहते हैं।
6. सही शेयर का चुनाव करें – शेयर खरीदने के लिए आप SEBI के द्वारा निर्धारित नियम का पालन करें और किसी ब्रोकर के द्वारा ही शेयर करें।  शेयर की खरीद बिक्री भारत में केवल दो जगह ही होती है NSE और BSE यही से आप अपने ब्रोकर को इन्फॉर्म कर सकते हैं।
ऑनलाइन ब्रोकरों के कस्टमर केयर नंबर होते हैं जहाँ आप कॉल कर सकते हैं और आर्डर दे सकते हैं नहीं तो ऑनलाइन चाट के जरिये भी आप उन्हें आर्डर दे सकते हैं। उसमे आपको यह भी बताना जरुरी है की कौन सा शेयर और कितने शेयर की आपको जरुरत है।

शेयर होल्डर किसे कहते हैं ?

कोई भी व्यक्ति जो किसी कंपनी के शेयर को खरीदता है वह shareholder या stockholder कहलाता है।  इसमें शेयर होल्डर कोई एक व्यक्ति, कंपनी अथवा संगठन भी हो सकता है। इन शेयर होल्डर्स को कंपनी के कुछ मामलों में वोट देने एवं निर्देशक group में चुने जाने का अधिकार भी है।

Company शेयर क्यों बेचती हैं ?

जब कोई कंपनी बढ़ जाती है तो उसके काम और scope भी बढ़ जाते हैं  जैसे कि कोई नया initiative लेना अथवा किसी ब्रांच को बड़ा करना आदि का काम आता रहता है।  इस समय कंपनी किसी बैंक से लोन नहीं ले सकती क्योंकि उसका खर्च बढ़ा हुआ रहता है। इस समय वह अपने शेयर को public में बेचना आरम्भ करती है। आप जनता को अपना शेयर देने से कंपनी के ब्याज के पैसे बच जाते हैं यदि वह ऐसा नही करती है तो बैंक में कर्ज बहुत बढ़ जायेगा और ब्याज भी बहुत अधिक देना होगा।

शेयर कब खरीदें ?

जब शेयर खरीदने की बात आती है तो आपको मार्किट ट्रेंड को analysis करने की आवश्यकता होती है। इसके साथ आपको share market के चार्ट की भी अध्ययन करने की आवश्यकता होती है। ऐसा करने से आपकी रिस्क की मात्रा घट जाती है। चलिए इसके बारे में कुछ points नीचे जानते हैं।
1. शेयर खरीदने का सही समय वह है जब stock का मूल्य कम हो, पर यह भी हो सकता है की मूल्य और भी घट सकता है लेकिन यह इससे अच्छा है कि आप इसे high price में खरीदें और स्टॉक का मूल्य बढे ही न।
जब प्राइस बहुत गिर जाती है तो आपको इसे घाटे में बेचना पड़ता है।  जब आप low price में शेयर खरीदते हैं और उसका प्राइस उससे भी कम हो जाता है पर कभी कभी कम होते होते फिर से ऊपर उठने लगता है  और आपके हाई profit पाने के अवसर बढ़ जाते हैं।
2. कुछ लोग share को अपने पास लम्बी अवधी के लिए नहीं रखते हैं ये लोग सुबह शेयर खरीदते हैं और शाम को share market के बंद होने से पहले बेच देते हैं इस Intraday Traders कहते हैं।
इन लोगों को स्टॉक खरीदने का सही समय सुबह 9:30 से 10:30 तक है क्योंकि स्टॉक मार्किट सुबह 9:15 में खुलती है और 15 मिनट पिछले दिन के न्यूज़ के जवाब आदि देने में लग जाते हैं और अनुभवी मार्केटर शोर शराबा भी करते हैं। सुबह के 15 मिनट कुछ भी नहीं खरीदें और अगर आप और ज्यादा अवलोकन करना चाहते हैं तो इसको 11:00 बजे तक के लिए बढ़ा सकते हैं।

शेयर का price क्यों change होता रहता है ?

शेयर का  पैसा रोज दिन मार्किट के शक्ति के अनुसार बढ़ता घटता रहता है। ऐसा कहने का मतलब यह है कि शेयर मार्किट के जिस शेयर का demand अधिक होता है तो उसका प्राइस बढ़ता है मतलब जिस share को ज्यादा से ज्यादा लोग खरीदने के लिए तैयार रहते हैं उसका price बढ़ जाता है उसी प्रकार जिस share को ज्यादा से ज्यादा लोग बेचना चाहते हैं तो उसका price घट जाता है।  इस तरह शेयर का दाम घटता बढ़ता रहता है।

Investor क्या है?

Investor वे लोग होते हैं जो अपने निवेश से अधिक पैसा कमाने के लिए अपना कुछ पैसा किसी व्यवसाय या व्यक्ति को देते हैं।

एक निवेशक को पैसा कमाने के लिए, जिस कंपनी में वे निवेश करते हैं, उसे खर्च करने से ज्यादा पैसा बनाने की जरूरत होती है।

निवेशक एक व्यक्ति जो अपनी खुद की कुछ पूंजी (पैसा) किसी अन्य व्यक्ति या संगठन को वित्तीय रिटर्न अर्जित करने की उम्मीद के साथ देता है

Trading क्या है ?

व्यापार व्यवसाय का एक रूप है जिसमें एक वस्तु या सेवा का दूसरे के लिए आदान-प्रदान करना शामिल है।

व्यापार या तो एक वैध व्यवसाय या एक अवैध गतिविधि हो सकता है। वैध व्यापार में कंपनियां और व्यक्ति एक दूसरे से खरीद और बिक्री करते हैं, आमतौर पर एक ही बाजार में, लेकिन अलग-अलग मात्रा में। इसके विपरीत, अवैध व्यापार तब होता है जब लोग काला बाजार पर चोरी का सामान खरीदते हैं।

 

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है ?
 

म्यूचुअल फंड एक तरह का निवेश है। वे निवेशकों के विभिन्न समूहों को शेयरों, बांडों और अल्पकालिक नकद उपकरणों जैसे विविध प्रतिभूतियों की टोकरी में निवेश करने के लिए अपने पैसे को एक साथ जमा करने की अनुमति देते हैं।

म्युचुअल फंड उत्तरी अमेरिका के साथ-साथ विश्व स्तर पर व्यक्तिगत निवेशकों के लिए सबसे लोकप्रिय निवेश माध्यम बन गए हैं। लोकप्रियता उपलब्ध निवेशों की विस्तृत श्रृंखला और सापेक्ष सहजता के कारण है जिसके साथ व्यक्ति म्यूचुअल फंड कंपनियों के माध्यम से निवेश कर सकते हैं।

म्यूचुअल फंड कई अलग-अलग कंपनियों से स्टॉक, बॉन्ड या अन्य संपत्ति खरीदकर निवेश का मिश्रण प्रदान करते हैं ताकि जब एक कंपनी खराब प्रदर्शन करे तो दूसरी अच्छा कर सके। यह आपको अधिक विविध निवेश प्राप्त करने में मदद करता है।

शेयर बाजार नीचे क्यों होता है, इसके क्या कारण हैं?

भारत के शेयर बाजारों में पिछले कुछ महीनों में लगातार गिरावट देखने को मिली है। ऐसा लगता है कि शेयर बाजार

बिना किसी स्पष्ट कारण के नीचे है। इसके कई संभावित कारण हैं।धीमी जीडीपी वृद्धि, मुद्रास्फीति और उच्च सरकारी उधारी जैसे आर्थिक मुद्दों के कारण भारतीय शेयर बाजार गिर गया है।वर्तमान सरकार इन क्षेत्रों में अपने प्रदर्शन में सुधार करने और समय के साथ आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने केलिए बहुत कुछ कर रही है, लेकिन इससे पहले कि हम कोई महत्वपूर्ण सुधार देखें, इसमें समय लगेगाइसके अलावा, एशिया के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में प्राकृतिक आपदाओं और हार्वे और इरमा तूफान से हुई तबाहीबाजारों को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है।

Sensex क्या है ?

सेंसेक्स शेयर बाजार के लिए एक सूचकांक और भारत का बेंचमार्क है। यह तीस ब्लू-चिप शेयरों का मूल्य-भारित सूचकांक है जो मुख्य रूप से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) पर कारोबार करते हैं।

सेंसेक्स पहली बार 30 मई, 1986 को प्रकाशित हुआ था। इसे भारतीय उद्योग क्षेत्रों में दीर्घकालिक इक्विटी निवेश को बढ़ावा देने के लिए भारतीय औद्योगिक विकास बैंक की परियोजना के एक भाग के रूप में बनाया गया था।

अपनी स्थापना के बाद से, यह भारतीय इक्विटी के लिए एक प्रमुख वैश्विक बेंचमार्क के रूप में विकसित हुआ है।

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दोस्तों यदि आप भी share market से पैसा कामना चाहते हैं तो इन सब चीजों का ध्यान रखें नहीं तो आपकी गाढ़ी कमाई कुछ मिनटों में गायब हो सकती है।  पैसा कमाने के लालच में जल्दबाजी ना करें हमेशा ब्रोकर एवं expert की ही राय लें और अपने पैसों को इन्वेस्ट करें।  इस तरह आप भी safe रहेंगे और आपके पैसे भी सेफ रहेंगे। आप ज्यादा से ज्यादा पढ़ें बहुत सारे articles और किताबों को पढ़ें क्योंकि लोग वर्षों के experience को summarise करके इसमें लिखे रहते हैं आपको इससे जरूर फायदा होगा। यदि आपको यह लेख शेयर बाज़ार क्या है? और शेयर कैसे खरीदें? अच्छा लगा तो अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें facebook और इंस्टाग्राम आदि के द्वारा।

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