Self Attested Meaning In Hindi

Self Attested Meaning In Hindi
 
 
 
 
 
 
 
 
 
कभी हम किसी प्राइवेट संस्थान या फिर सरकारी संस्थान में किसी काम के लिए आवेदन देने जाते हैं तो आवेदन देने के समय हमें अपने दस्तावेजों  के फोटोकॉपी को भी  जमा  करने के लिए कहा जाता है तो उसमें हमें सिग्नेचर करने की आवश्यकता होती है। यदि हम इसके बारे में नहीं जानते हैं तो सामने बैठा हुआ अधिकारी हमें  हमारे अपने दस्तावेजों की फोटो कॉपी पर sign करने के लिए कहते हैं। पर क्या कभी आपने यह सोचा है कि हमें ऐसा क्यों करना पड़ता है। आखिर इसकी जरूरत ही क्या होती है ?

 

दोस्तों आज की इस लेख में हम लोग इसी विषय पर चर्चा करने वाले हैं कि जब हम किसी अधिकारी को  अपने दस्तावेजों की फोटो कॉपी जमा करते हैं तो हमें फोन पर हस्ताक्षर क्यों करना पड़ता है ? दोस्तों क्या आपने कभी यह सुना है की सेल्फ अटेस्टेड या स्वअभिप्रमाणित मतलब क्या होता है या Self attested meaning in Hindi क्या होता है? यदि आप इसके बारे में नहीं जानते हैं तो आप सही जगह पर आए हैं  आइए इसको नीचे हम लोग विस्तार से जानते हैं।


सेल्फ अटेस्टेड meaning in Hindi क्या है?

 

 जब कभी हम किसी संस्थान में अपने दस्तावेजों  एक कॉपी को जमा करते हैं तो हम उन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते हैं  यह हस्ताक्षर  यह प्रमाणित करता है कि आपकी द्वारा जमा किए गए दस्तावेज सही हैं मतलब कि आप अपने हस्ताक्षर द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेज को सही ठहराते हैं।  इस प्रक्रिया को ही सेल्फ अटेस्टेड या स्व अभिप्रमाणित करना कहा जाता है।  यदि आप अपने दस्तावेजों को प्रमाणित नहीं करते हैं कि यह सही है तो आपके documents पर कोई भी कार्यवाही नहीं की जाएगी और आपके काम नहीं हो पाएंगे। 

अटेस्टेशन कैसे किया जाता है?

  • सबसे पहले आपको आपकी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट के फोटो कॉपी तैयार करने पड़ते हैं। 
  • आपको उस दस्तावेज पर” मूल कॉपी की फोटो प्रति”   लिखना पड़ता है। 
  • इसके बाद आपको उसके नीचे हस्ताक्षर करना पड़ता है। 
  • यदि बहुत सारे दस्तावेज हैं तो उन पर भी  एक-एक करके सभी पर signature करना पड़ता है। 
  • आपको  अपने एप्लीकेशन के साथ इन सारे दस्तावेजों को submit करना पड़ता है। 


दस्तावेजों में सेल्फ  स्टेशन के अलावा और किन-किन अटेस्टेशन की जरूरत पड़ती है?

 

 बहुत सारे जगहों पर सेल्फ attestation के द्वारा हमारा काम हो जाता है परंतु कुछ कुछ जगहों पर हमें किसी बड़े अधिकारी या नोटरी के अटेस्टेशन की जरूरत पड़ती है तो आइए हम यह जानते हैं कि किन किन जगहों पर हमें बड़े अधिकारी या नोटरी अटेस्टेशन की जरूरत पड़ती है?

आमतौर पर अटेस्टेशन का कार्य किसी एक अधिकारी के  द्वारा किया जाता है जो कि किसी दस्तावेज को सत्यापन करने में सक्षम होता है जो किसी दस्तावेज की प्रामाणिकता की पुष्टि कर सकता है। नौकरी शिक्षा या अन्य सेवाओं के लिए अधिकांश आवेदनों के लिए,आवेदकों की  document की प्रतियां प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है। इन सब कार्यों के लिए दस्तावेजों की मूल प्रति जमा करना असंभव होगा इसलिए सरकार ने राजपत्रित अधिकारियों एवं नोटरी पब्लिक को इन्हें सत्यापित करने के अधिकार दिए हैं। 

यह अधिकारी दस्तावेज की मूल प्रति को भौतिक रूप से जांच करने के बाद एवं आश्वस्त होने के बाद ही सत्यापित करते हैं जाली या फर्जी दिखने वाले दस्तावेजों को यह सत्यापित नहीं करते हैं। यह प्रक्रिया अन्य व्यक्तियों को नकली दस्तावेजों  के साथ विभिन्न लाभ को प्राप्त करने से रोकता है। सरकारी एजेंसियां भी इसमें बहुत अधिक समय नहीं दे सकती हैं क्योंकि उनके स्टाफ सीमित होते हैं इस तरह यह अधिकारी सरकारी एजेंसियों के समय बचाते हैं और सरकार को नुकसान से भी बचाते हैं।


राजपत्रित अधिकारी या नोटरी पब्लिक से अटेस्टेशन की प्रक्रिया क्या है?

 

जो भी व्यक्ति अपने किसी दस्तावेज को attesting करवाना चाहता है तो वह अपने दस्तावेज को किसी राजपत्रित officer या नोटरी पब्लिक के पास ले जाता है राजपत्रित अधिकारी ए ग्रेड के सरकारी कर्मचारी  होते हैं एवं कुछ कर्मचारी बी ग्रेड से भी होते हैं। इन अधिकारियों को सरकार द्वारा  अटेस्टेशन करने के लिए अधिकृत किया जाता है 

इन अधिकारियों के द्वारा किसी भी दस्तावेज को सत्यापन करने के पहले भौतिक रूप से जांच किया जाता है उसके बाद सही पाए जाने पर उन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करके स्टांप लगाया जाता है। नोटरी पब्लिक केंद्रीय में सरकार द्वारा अधिकृत अधिवक्ता बैठते हैं इन लोगों के पास किसी भी दस्तावेज को सत्यापित करने की शक्ति भी है वह भी किसी दस्तावेज को भौतिक रूप से जांच करने के बाद फोन पर टिकट या स्टांप लगाकर हस्ताक्षर करते हैं एवं सत्यापित करते हैं।

 

ज्यादातर दस्तावेजों पर सेल्फ अटेस्टेशन ही क्यों किया जाता है?

 

विभिन्न कार्यक्रम उनको आवेदन करने वाले व्यक्तियों के लिए किसी राजपत्रित अधिकारी या नोटरी से ही अटेस्टेशन करवाने में बहुत  कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. भारत एक जनसंख्या आबादी वाला देश है ऐसे में  सैकड़ों आवेदन रोज आते रहते हैं इन सभी दस्तावेजों को सत्यापित करना एक बहुत बड़ा काम हो सकता है और ऊपर से सरकारी कर्मचारियों की कमी भी है अगर इन अधिकारियों से सत्यापित करने के चक्कर में पड़े तो हमें बहुत दिनों से इंतजार करना पड़ सकता है जो कि हमारे काम में रुकावटें पैदा कर सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों के लिए यह कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है क्योंकि नोटरी पब्लिक के तक केंद्र शहर के किसी एक जगह पर बने होते हैं और वहां पर आकर के घंटों इंतजार के बाद सत्यापित करवाना बहुत कठिन काम होगा इसलिए सरकार ने सेल्फ अटेस्टेशन को बहुत सारे काम के लिए बढ़ावा दिया है इसलिए ज्यादातर दस्तावेजों पर सिर्फ अटेस्टेशन किया जाता है  फिर भी उच्च स्तर के कार्यों के लिए इन राजपत्रित अधिकारियों या नोटरी पब्लिक केंद्र से ही सत्यापित करने की आवश्यकता होती है। 

 

 

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 दोस्तों आज आपने क्या सीखा ?आज आपने सीखा की  हमें सेल्फ अटेस्टेशन की जरूरत क्यों पड़ती है और नोटरी पब्लिक या राजपत्रित अधिकारियों के द्वारा अटेस्टेशन की जरूरत कब पड़ती है  अगर यह लेख सेल्फ अटेस्टेड का मतलब क्या है या सेल्फ अटेस्टेड मीनिंग इन हिंदी आपको अच्छा लगा तो आप अपने दोस्तों के साथ शेयर करें उन्हें भी ज्ञान दें क्योंकि ज्ञान बांटने से बढ़ता है और इस तरह हमारा भारत साक्षर होकर आगे बढ़ता है। 

 
 

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