RTO Kya Hai? RTO full form Hindi Me

यदि आपने भी स्कूटी या बाइक खरीदी है तो यह बात जरूर सामने आयी होगी कि RTO क्या है ?RTO फुल फॉर्म क्या है? आज के इस आर्टिकल में मैं आपको इसी RTO के बारे में विस्तार से बताने वाला हूँ। 

लोग अपने सुविधा के हिसाब से आज कल साइकिल की जगह बाइक या स्कूटी ले रहे हैं वैसे भारत में अब मिडिल क्लास वालों के पास यह उपलब्ध रहता ही है  क्योंकि इसके घर में रहने से बहुत से काम को निपटने में आसानी होती है और समय की भी बचत होती है इस तरह हम अपने जीवन स्तर को भी ऊँचा करने में सक्षम होते हैं भारत देश को विकासशील से विकसित राष्ट्र में परिणत करने के लिए हमलोगो का भी योगदान होना चाहिए तो क्यों न हम इसे भी जानें कि RTO का फुल फॉर्म क्या है या RTO क्या है?

RTO Full Form  क्या है हिंदी में ?

RTO  का फूल फॉर्म Regional Transport Office है। यह एक सरकारी संस्था है जो कि Drivers एवं Vehicles के डेटाबेस को मेन्टेन करता है यह पूरे भारत के डाटाबेस को संग्रहित करता है चाहे यह कोई सा भी राज्य हो। इसके मुख्यालय को MInistry of Road Transport and Highways कहते हैं। 

rto full form in Hindi

RTO  के मुख्य कार्य क्या हैं ?

RTO व्हीकल नियम के अनुकूल काम करता है।  ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के के अलावा यह ,vehicle Registraton, Reveneu collection, Vehicle Inspection, Pollution और Road safety पर भी ध्यान देता है। 

निम्नलिखित कुछ उसके काम है जो दर्शाये गए हैं।

 

Driving license-

 

सबसे पहले स्थान पर RTO ड्राइविंग लाइसेंस के लिए जाना  जाता है पर RTO के पास ऐसे बहुतायत में काम है। 

RTO के द्वारा चार प्रकार के ड्राइविंग लाइसेंस  किये जाते हैं ये हैं – Learner’s Licence, Permanent Licence,commercial driving licence,और international driving Permit इसके अलावा यह driving licence renewel, duplicate Licence बनता है एवं ड्राइविंग ट्रेनिंग टेस्ट भी लिया जाता है।

ड्राइविंग लाइसेंस भी गाड़ियों के आधार पर जारी किये जाते हैं। जैसे कि  गियर वाला गाड़ी,बिना गियर वाला गाड़ी,passenger vehicle,और सामान ढोने वाले vehicle आदि।  ड्राइविंग लाइसेंस में इन सभी आवश्यक जानकारी अंकित किये जाते हैं। 

 

 

रोड टैक्स –

हमारी सरकार बहुत सारे टैक्स को जमा करती है उनमे से एक है रोड टैक्स। रोड टैक्स को जमा करने कर काम RTO करती है। यह टैक्स उस समय लिया जाता है जब कोई नई गाड़ी का रजिस्ट्रेशन करता है। 

व्हीकल इंस्पेक्शन 

रोड पर चलने वाली गाड़ियों को RTO समय समय पर चेक करता है कि ये गाड़ियां मोटर व्हीकल नियम के अनुसार चल रही है या नहीं। 

प्रदुषण नियंत्रण 

RTO मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार गाड़ियों से निकलने वाले धुवें को भी नियंत्रण में रखता है जिससे की पर्यावरण में बहुत अधिक प्रदूषण न हो। इसके लिए वह प्रदूषण परिक्षण केन्द्रो द्वारा सर्टिफिकेट जारी करता है। 

रोड सेफ्टी 

रोड एक्सीडेंट के कारण हर साल बहुत लोग अपनी जान गवां बैठते हैं। RTO समय समय पर यह सुनिश्चित करती है की लोगों के द्वारा रोड सेफ्टी के नियमो का पालन हो रहा है या नहीं। 

व्हीकल रजिस्ट्रेशन-

RTO का सबसे महत्वपूर्ण काम में से एक यह भी है कि नए व्हीकल का रजिस्ट्रेशन करना एवं उसका Databse

Maintan करना । सभी नए गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है और इसी के आधार पर नए गाड़ियों का लाइसेंस और नंबर प्लेट मिलता है। 

रेजिस्ट्रेशन्स के प्रोसेस को समझने के लिए निम्नलिखित निर्देशों का पालन करना होता है पर यह प्रोसेस दूसरे राज्य के  ऑफिस के प्रोसेस से थोड़ा बहुत अलग हो सकता है और यह प्रोसेस फ्यूचर में बदल भी सकता है 

RTO ऑफिस में गाड़ी पंजीकरण के प्रोसेस 

 

आजकल ज्यादातर गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन डीलर के द्वारा ही कर के दिए जाते हैं फिर भी अगर आप खुद से रजिस्ट्रेशन करना चाहते हैं तो प्रोसेस देखें 

  • रजिस्ट्रेशन फॉर्म को भरें और RTO ऑफिस में जमा करें। 
  • इसके साथ ही कुछ और जरुरी कागजात जैसे फॉर्म -20, व्हीकल सेल्स सर्टिफिकेट, इनवॉइस, इन्शुरन्स पालिसी, फोटो और आईडी प्रूफ। 
  • आपका रजिस्ट्रेशन फॉर्म को अफसर के द्वारा मूल्यांकन करने के बाद गाड़ी का नंबर इशू किया जायेगा 
  • एक सप्ताह के अंदर आपको आपका नंबर Plate मिल जायेगा 
  • गाड़ी का RC पेपर आपको पोस्ट ऑफिस के माध्यम से डिलीवर किया जायेगा 

एक राज्य से दूसरे राज्य में RC ट्रांसफर करने का प्रोसेस 

 

यदि आप लम्बे समय के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में रहने के लिए जा रहे हैं तो आपको अपने व्हीकल का रजिस्ट्रेशन नए राज्य पर करवाना होगा।  इसका प्रोसेस इस प्रकार है 

  • अपने वाहन को सबसे पहले अपने RTO से Deregister करवा कर NOC (No Objection Certificate )लेना होगा। 
  • अब अपने NOC को नए राज्य के RTO पर जमा करना होगा। 
  • अब उस RTO के सभी formalities को पूरा करना होगा जैसे कि रोड टैक्स पेमेंट इत्यादि। 
  • सभी formalities पूरा होने के बाद आपको अपना नंबर जारी किया जायेगा। 
 

ओनरशिप ट्रांसफर करने का प्रोसेस 

 

  • Ownreship ट्रांसफर करने के लिए आपको RTO ऑफिस जाकर अपने गाड़ी के sale के बारे में जानकारी देना होगा। 
  • अगर गाड़ी दूसरे RTO पर registered है तो NOC जमा करना होगा और ट्रांसफर फीस जमा करना होगा 
  • इसके बाद आपको निम्नलिखित डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे। 
  • RTO form 28
  • RTO form 29 
  • RTO form 30 
  • Pollution certificate 
  • National Crime Bureau Certificate

 

RTO के फीस 

 

यहाँ पर RTO के फीस के बारे में जानकारी दी गयी है परन्तु समय एवं दूसरे RTO के आधार पर यह बदल भी सकती है। 

  1. Imported motor vehicle registration -5000
  2. Imported motorcycle registration -2500
  3. Motorcycle registration -300
  4. Medium passenger motor vehicle registration -1000
  5. Heavy passenger motor vehicle registration -1500
  6. Learner’s licence and driving licence -150
  7. Permanent driving licence -300
  8. Renewal of fitness certificate -200
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RTO से online fancy number का रजिस्ट्रेशन कैसे करें 

 

 फैंसी नंबर प्राप्त करने के लिए अभी के समय में ऑनलाइन ही अप्लाई करना पड़ता है। 

  • सबसे पहले आपको मिनिस्ट्री ऑफ़ रोड एंड हाइवेज के ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा 
  • आपको एक public user की तरह उसपर लॉगिन करना होगा। 
  • लॉगिन करने के बाद आपको अपना फैंसी नंबर चुनना होगा। 
  • आपको RTO के द्वारा तय किया गया अमाउंट  ऑनलाइन पेमेंट करना होगा। 
  • और फिर अलॉटमेंट लेटर को reference के लिए प्रिंट करना होगा।
आशा करता हूँ आपको इस लेख RTO full form in Hindi पढ़कर समझ में आ ही गया होगा कि यह क्या है और कैसे काम करता है। RTO vehicle information के अलावा और किस किस काम को करता है और अभी के समय में ऑनलाइन कितने सारे काम इसके द्वारा किये जाते हैं। ध्यान रखे कि समय के साथ यह जानकारी बदल भी सकती है तो किसी भी काम को करने के पहले इसके official website भी जरूर चेक कर लें।

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