What is EMI in Hindi: No-Cost EMI क्या है ?

What is EMI in Hindi? लोन लेना हर किसी के जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन जाता है इस छोटी सी जिंदगी में हम देखेंगे तो हमें बहुत सारे काम समय पर करना होता है और इसी शब्द कामों को पूरा करने के लिए हम क्या-क्या नहीं कर बैठते हैं उसी में से आता है एक लोन और लोन से जुड़ा है  ईएमआई।  EMI शब्द हमारे जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन जाता है चाहे  हमें घर लेना हो या कार खरीदना हो या किसी अन्य तरह के लोन  लेना हो तो हमें लोन देने वाले बैंक को यह EMI की किस्त चुकानी पड़ती है 

यह EMI का अर्थ होता है Equator Monthly Installment जिसे हम हर महीने लोन देने वाली संस्था को वापस ब्याज के साथ अदा करते हैं साधारण भाषा में कहें तो यह  मासिक किस्त को ही ईएमआई कहते हैं हमें लोन देने वाली संस्था एक साथ बहुत सारे पैसे दे देती है जितना हम चाहते हैं परंतु हम उसे एक साथ लौटा नहीं सकते हैं इसलिए यह संस्थाएं हमें EMI का ऑप्शन देती है इस ईएमआई भुगतान में हमारे मूलधन के साथ ब्याज भी जोड़ दिया जाता है और हम हम उन्हें आसानी से मासिक किस्तों के आधार पर भुगतान करते हैं

EMI कैसे जोड़ा जाता है?(What is EMI in Hindi)

 उदाहरण के लिए हम किसी से ₹25000 लोन लेते हैं और उसका ब्याज दर 10% है और लोन की अवधि 1 साल का है तो हम   मासिक  ₹2292  चुकाने पड़ेंगे। हम  लोन तो 25,000 का लिए हैं परंतु हमें ₹27500 एक साल के अंदर वापस जमा करने पड़ेंगे क्योंकि  मूलधन में ब्याज जुड़ जाता है और हमें ब्याज के साथ उसे वापस करना होता है ।

Moratorium Period क्या होता है? What is the moratorium period?

 कोरोना काल में हमने सुना है की लोन देने वाली  संस्थाओं ने  लोन लेने वाले लोगों को मोरेटोरियम पीरियड दी थी मोरटोरियम का शाब्दिक अर्थ होता है  रोक। इसमें लोन  देने वाली संस्थाएं कुछ समय अवधि तक लोन लेने वालों  से  भुगतान नहीं करवाती है।  जैसे कि हमें कोरोना काल में इस तरह की सुविधा भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई थी जिसमें सारे बैंक लोन लेने वालों को मोरटोरियम पीरियड  उपलब्ध कराया था।  लॉक डाउन की अवधि में हमारे पास कुछ काम नहीं थे हम अपने घरों में बंद थे इस वजह से हमें आमदनी नहीं हो रही थी इसी कारणवश भारत सरकार सभी बैंकों से मोरटोरियम पीरियड देने की अपील की थी।


 नो कॉस्ट ईएमआई क्या है?What is no-cost EMI?

नो कॉस्ट ईएमआई क्या है या नो कॉस्ट ईएमआई का मतलब क्या है यदि हमें नहीं पता है तो चलिए हम नीचे विस्तार से जानते हैं नो कॉस्ट ईएमआई का मतलब होता है कि यदि आप कोई प्रोडक्ट खरीदने के लिए किसी विशेष राशि का लोन लिया है तो आपकी मूलधन पर कोई ब्याज का अतिरिक्त  भार नहीं दिया जाएगा  ऐसा विकल्प  हमें ई-कॉमर्स कंपनियों से मिलती है पर क्या वास्तव में हमें   नो कॉस्ट ईएमआई मिलता है?

पर दरअसल में ऐसा नहीं होता है loans देने वाली कंपनियां अपने पैसे ले ही लेती है इसके बारे हम नीचे जानेंगे।

उदाहरण के लिए

  • हमें खरीदना है 15000 का mobile phone
  • इसके साथ ही हमें इसे 3 महीने के अंदर 15% ब्याज के साथ पैसा वापस करना है
  • हमें डिस्काउंट दिया जाता  है ₹2250  ।
  • अब डिस्काउंट के बाद मोबाइल का दाम  ₹12750
  • 3 महीनों के लिए टोटल ब्याज ₹2250
  • टोटल पैसा आपने  वापस भुगतान किया गया ₹15000

 इस तरह हमें लोन देने वाली कंपनियां डिस्काउंट का लालच दिखाकर हमसे अपने पूरे पैसे वसूल कर लेती है यदि आप भी कुछ खरीदते हैं और यह ईएमआई का ऑप्शन लेते हैं तो सतर्क रहें जांच परख कर ही  EMI  पर इन सारी चीजों को खरीदें।

क्रेडिट कार्ड  एम आई क्या है?What is credit card EMI?

What is EMI in Hindi? जब हम क्रेडिट कार्ड यूज करके कुछ खरीदते हैं और उस ट्रांजैक्शन को हम  मासिक यह माई में  बदल देते हैं मतलब की उस ट्रांजैक्शन की पूरे अमाउंट को एक लोन की तरह बदल देते हैं और इसको हर महीना कुछ महीनों की अवधि के लिए भुगतान करने को राजी होते हैं तो उसे क्रेडिट कार्ड ई एमआई कहते हैं ।

इस तरह के ट्रांजैक्शन दो तरीकों से किए जा सकते हैं पहला कि हम डायरेक्ट ई-कॉमर्स वेबसाइट में जाकर किसी चीज को परचेज करते हैं और और इस अमाउंट को EMI में बदल देते हैं और दूसरा कि हम नेट बैंकिंग से किसी चीज के लिए पेमेंट करते हैं और इसको EMI  में बदल देते हैं इस ट्रांजैक्शन को हम हर महीना भुगतान करते हैं जब तक कि इसका पूरा अमाउंट समाप्त नहीं हो जाता ।

 क्रेडिट कार्ड  की हर ट्रांजैक्शन को यह EMI में नहीं बदला जा सकता है जब हम ई-कॉमर्स वेबसाइट से किसी चीज को खरीदते हैं तो यह लेन- देन यह EMI  में बदला जा सकता है क्योंकि इसमें प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी और वेबसाइट देने वाले कंपनी के बीच  tie-up होता है  प्रोसेसिंग फीस और  ब्याज इन्हीं लोगों के द्वारा तय किया जाता है

आप ट्रांजैक्शन करने के बाद भी बैंक को फोन करके आपकी ट्रांजैक्शन अमाउंट को ईएमआई में कन्वर्ट कर सकते हैं परंतु इसके लिए बैंक के द्वारा आप के लेनदेन के इतिहास पर विचार विमर्श करके इस अमाउंट को EMI में बदला जा सकता है जब आप बैंक को फोन करते हैं तो वह इसी खास अमाउंट के लिए प्रोसेसिंग फीस मूलधन पर जोड़ करके आपको उस ट्रांजैक्शन  को यह EMI में कन्वर्ट करके देता है ।


डेबिट कार्ड ईएमआई क्या है ?What is debit card EMI?

Online shopping  के बढ़ने के साथ-साथ पिछले 2 सालों से अब बहुत सारे banking sector  डेबिट कार्ड में भी यह माई की सुविधा प्रदान करने लगे हैं  आपने कभी गौर किया होगा कि किसी किसी को pre approved लोन के मैसेज मिलते हैं यह सब आपकी लेनदेन की इतिहास को देखकर बैंक के द्वारा दिया जाता है उसी तरह  डेबिट कार्ड ईएमआई के लिए  आप या तो सीधे बैंक जाकर या एस एम एस करके या फिर आपके ई कॉमर्स पोर्टल पर जाकर पेमेंट पेज पर इसका विकल्प देख सकते हैं जब बैंक आपको डेबिट कार्ड पर EMI देता है तो वह प्रोसेसिंग फीस और ब्याज जोड़ लेता है इस तरह आपको डेबिट कार्ड में भी EMI का विकल्प मिलता है

कार्ड लेस ईएमआई क्या है?What is cardless EMI?(What is EMI in Hindi)

 जब आप किसी  वस्तु को खरीदते हैं और बिना कार्ड  का प्रयोग किए इसका पेमेंट करते हैं और इस पेमेंट को आप  ईएमआई में बदल देते हैं  तो इसे कार्डलेस EMI कहते हैं  इस तरह की EMI आपको बैंक और उसके पार्टनर के बीच tie- up रहने से मिलता है इसके लिए आपको cardless EMI प्रदान करने वाले कंपनी के बारे में पता होना चाहिए

 दोस्तों अब आपको यह पता चल गया होगा कि What is EMI in Hindi, EMI का फुल फॉर्म क्या होता है? EMI का विस्तृत रूप क्या होता है? या emi का पूरा नाम क्या होता है? आजकल e-commerce कंपनियां बहुत सारे  विकल्प प्रदान करती है जो कि EMI  पर आधारित होता है तो जब कभी आप इन सभी ई-कॉमर्स कंपनियों(amazon,flipkart) से खरीदारी करें तो यह सब बातें जान ले और अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों को भी इसके बारे में बताएं ताकि वह इन सब का लाभ  ले सकें। यदि आपको EMI  का जोड़ घटाव करना नहीं आता है तो आपको  EMI  Calculate  करने वाले बहुत सारे ऐप मिल जाएंगे जिससे आप तुरंत EMI को कैलकुलेट करके लाभ या हानि का पता लगा सकते हैं।

Leave a Comment