Ajwain Ke Gun Ewam Tel Ke Fayde

अजवायन जीरा की तरह दिखने वाला बीज है जो की भारतीय मसालों  के मिश्रण में पीसकर  मिलाया जाता है।अजवाइन की खेती क्षेत्र भारत और इरान में होती है इसे अंग्रेजी में कैरम सीड्स या बिशप सीड्स कहा जाता है अजवायन का स्वाद oregano की तरह ही होता है पर इसका गंध तेज होता है।  यह ज्यादातर  पकाकर ही खाया जाता है पर कभी-कभी ही लोग इसे कच्चे खाने के रूप में इस्तेमाल करते हैं इसे पीसकर और गोटा दोनों प्रकार से ही बेचा जाता है भारत में ज्यादातर लोग  इसका उपयोग पका कर खाने के लिए करते हैं।

अजवायन क्या है ?


धनिया जीरा और सौंफ की तरह अजवाइन उनकी अपियासी परिवार से संबंधित है इसकी पत्तियां पंख की तरह होती है, और पौधे के फल जिसे अक्सर बीज कहा जाता है, पीले खाकी रंग के होते हैं बनावट में लटके हुए और अंडाकार आकार के होते हैं अजवाइन का उपयोग प्राचीन काल में खाना बनाने एवं अन्य औषधीय प्रयोजनों के लिए होता रहा है।


अजवायन की उत्पत्ति-


माना जाता है अजवाइन की उत्पति  फारस( ईरान) और एशिया माइनर(जो अब तुर्की में है) में हुई थी वहां से

यह पूरे भारत में फैल गया और मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में भी उगाया जाता है अजवाइन के और बहुत से

अन्य नाम भी हैं,जैसे कि अजवाइन, अजवाइन करवे,अजवे बीज,अजवान, इथोपियन जीरा और ओमम है यह इस बात पर

निर्भर करता है कि यह दुनिया में कहां उपयोग किया जाता है।


अजवाइन का टेस्ट कैसा होता है?


अजवाइन में   thymol   नामक यौगिक होता है बाकी सभी भारतीय मसाले जड़ी बूटी भी यही यौगिक मिलते हैं,

अजवाइन पुदीना के टेस्ट के साथ-साथ हल्के हल्के  मिट्टी क्या स्वाद भी देता है, जोकि करीब-करीब जीरा के चबाने एवं 

सौंफ खाने के जैसा होता है हालांकि यह तेज होता है इसलिए बाकी मसालों से प्रभावशाली होता है।

    

अजवाइन के साथ व्यंजन –


 अपने मजबूत एवं प्रभावशाली स्वाद के कारण अजवाइन का उपयोग कम मात्रा में किया जाता है, पर लगभग

हमेशा ही

इसका उपयोग किया जाता है। भारतीय खाना में यह एक  तड़का के रूप में प्रयोग होता है।  तड़का एक

खाना पकाने

की विधि है इसमें तेल या मक्खन को बहुत अधिक गर्म किया जाता है और उसमें  साबुत मसाले डालकर

 तला जाता है जिसे chunk  कहा जाता है, फिर तेल और मसाले के मिश्रण को दाल के व्यंजन में मिलाया जाता है,

या फिर किसी अन्य व्यंजन में गार्निश के रूप में इसका प्रयोग किया जाता है।

यदि किसी उच्च  वसा या  स्टार्च वाले व्यंजन को पकाते हैं, तो इसमें कच्चे या पके अजवाइन को अंत में मिलाया

जाता है। इसका  प्रभावशाली और तेज गंध व्यंजन में  समृद्धि लाता है, या फिर इसको लंबे समय तक

पकाने से लाभ होता है

गर्म अजवाइन के फूल  के स्वाद को कम कर देती है और सौंफ के बाद का स्वाद अधिक  लाती है बीजों का

उपयोग बिस्कुट, या ब्रेड के आटे में किया जाता है, और बेक होने पर ऊपर से छिड़का भी जाता है।


यदि किसी नुस्खा में अजवाइन का उपयोग करना है तो इसे पहले भूनकर फिर ठंडा करके बारीक पीसकर

उपयोग करना चाहिए।


हम अजवाइन कहां से खरीद सकते हैं?


 अजवाइन के बीज भारतीय खाद्य बाजारों में विशेष मसाले की दुकान में और ऑनलाइन भी आर्डर किए जा सकते हैं,

यद्यपि यह  अक्सर बीज के रूप में ही बेचा जाता है फिर भी कहीं कहीं पर पाउडर के रूप में भी पाया जाता है, परंतु

हमें अक्सर बीच को ही खरीदारी करनी चाहिए क्योंकि पाउडर से उसका स्वाद जल्दी ही उड़ जाता है, हमेशा से हमें

बीज खरीद कर घर में रखनी चाहिए और जरूरत के अनुसार उसे पीसकर यूज करना चाहिए।  


रख -रखाव –    


रखरखाव के लिए यदि अजवाइन प्लास्टिक के थैली में बेची जाती है तो इसे घर पर लाकर स्थानांतरित करने की आवश्यकता होगी। यदि आपने इसे बहुत अधिक मात्रा में खरीद लिया है तो घर पर लाकर ही से छोटे-छोटे कहां कांच के बर्तनों पर  पर स्थानांतरित कर दें, और इसे ठंडी और अंधेरी जगह पर रख दें जहां कम से कम यह एक साल के लिए चलेगा।



वैसे तो अजवाइन का उपयोग ज्यादातर खाने में किया जाता है पर इसके औषधीय गुण के कारण दवा के रूप में भी किया जाता है।  पेट में जलन होने पर, अपच में, और पेट दर्द आदि में इसका प्रयोग किया जाता है। इसमें उपस्थित   रेशे, खनिज लवण और विटामिन एंटीऑक्सीडेंट्स से भरे होते हैं जो आपके बालों त्वचा एवं सम्पूर्ण स्वस्थ्य को नियंत्रण करने में मदद करती हैं। आइये हम अभी इन्ही सब के बारे में नीचे जानेंगे। 

1 बालों को जल्दी पकने से रोकना –

अजवाइन महिला और  पुरुष दोनों के बालों को जल्दी पकने से रोकता है। आपको बस रोज एक पेय के रूप में इसे लेना होगा जो बनाने में बहुत ही आसान है। पानी में करी पत्ते, सूखे अंगूर, चीनी और अजवाइन डालकर उबाल लें और हर दिन इस मिश्रण का एक गिलास पियें  और अपने बालों के चमक एवं बनावट को बदलते हुए देखें।अजवाइन का पानी बालों के अन्य समस्याओ जैसे पतलेपन, रुसी सूखापन और भंगुर सिरों को ख़तम कर सकता है। 

2 मुहांसे का दाग हटाना  –

यह एक  घरेलु उपचार है जिसमे अजवाइन के बीज शामिल हैं तो  पहले अजवाइन के मुठ्ठीभर बीजों को पानी के साथ पीसकर पेस्ट बना लें पेस्ट को 10 -15 मिनट के लिए प्रभावित क्षेत्रों में लगाकर छोड़ दें फिर ठन्डे पानी से धो लें। यह पेस्ट सबसे पहले गहराई से साफ़ करेगा और बाद में दागों को मिटाएगा। 

3 पाचन तंत्र को तंदुरुस्त रखना –

अजवाइन का बीज पाचन तंत्र को ठीक करने में मदद करता है यह अजवाइन के बीज में मौजूद सक्रिय एंजाइमों के द्वारा सम्भव होता है जो गैस्ट्रिक को कण्ट्रोल करता है। जब कभी आप ज्यादा  लेते हैं तो यह आपके काम आ सकता है तब आप एक गिलास पानी में जीरा और अदरक पावडर डालकर पीने से तुरंत आराम मिलेगा। 

4. आपके स्किन की सुरक्षा करता है –

अजवाइन में एक thymol नमक तत्व मौजूद होता है जो इसे रोगाणुनाशक बनाता है। आप त्वचा की छोटी मोती जलन को पल भर में शांत करने के लिए उसके बीजों को कुचल कर लगा सकते हैं। ज्यादा गहरे घाव होने पर आप डॉक्टर से संपर्क करें न की अजवाइन पर निर्भर रहें। 

5. बंद नाक से राहत –

बंद नाक से तुरंत राहत पाने के लिए अजवायन और गुड़ का पेस्ट बनाकर उसे गरम कर लें। जब तक आप बेहतर महसूस न करें तब तक रोज दो चम्मच इसका सेवन करें। यह नाक की रुकावट को दूर करने में मदद करता है और बलगम को आसानी सी छोड़ता है। आजवाइन का  नियमित रूप से सेवन करने से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और माइग्रेन जैसी समस्याओं से निजात मिल सकती है। 

समापन –

दोस्तों, आज आपने ये जरूर सीख गए होंगे कि अजवाइन  कितने काम आ सकते हैं ये हमारे रोजमर्रा के जिंदगी के लिए बहुत काम आ सकता है तो यदि आप इसका उपयोग नहीं करते हैं तो जल्द ही इसको उपयोग करना शुरू कीजिये।  रोज के खाने में इसे शामिल करके अपने स्वस्थ्य को अचछा रखेंगे तो आपकी जिंदगी में तकलीफ कम होगी। 


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